जशपुर की खूबसूरती से रूबरू हुए पुणे से आए पर्यटक ट्रिप्पी हिल्स और अनएक्सप्लोर्ड बस्तर का सफल प्रयास

जशपुर की पहचान हमेशा से अपनी हरियाली, झरनों, गुफाओं और जनजातीय संस्कृति के लिए रही है। अब इस अद्भुत धरोहर को और अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए स्थानीय ट्रैवल स्टार्टअप ट्रिप्पी हिल्स ने अनएक्सप्लोर्ड बस्तर के साथ मिलकर एक संगठित टूर का सफल संचालन किया, जिसके तहत पुणे से आए पर्यटक जशपुर की विविधताओं से रूबरू हुए।

इस विशेष यात्रा में पर्यटकों ने जशपुर के कई पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। कैलाश गुफा की रहस्यमयी संरचना ने सभी को आकर्षित किया, वहीं राजपुरी जलप्रपात और रानीदह जलप्रपात की गूंजती धाराओं ने प्रकृति की शक्ति और सौंदर्य का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। सोगड़ा आश्रम की शांत व सुकूनभरी वातावरण में पर्यटकों ने आध्यात्मिक अनुभूति पाई। इसके अलावा, सरुदीह टी गार्डन की हरी-भरी वादियों ने उन्हें चाय बगानों के सौंदर्य से परिचित कराया।

पर्यटकों के लिए इस यात्रा का एक खास आकर्षण था जनजातीय नृत्य प्रदर्शन, जो सरुदीह टी गार्डन में आयोजित किया गया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी संस्कृति की झलक दिखाई, जिसे देखकर मेहमानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और तालियों से स्वागत किया। यह अनुभव पर्यटकों के लिए जशपुर की लोकधरोहर से जुड़ने का अनोखा अवसर रहा।

जशपुर यात्रा के दौरान पर्यटकों ने जनजातीय संग्रहालय का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें आदिवासी जीवनशैली, पारंपरिक शिल्प, वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक धरोहर की अनूठी झलक देखने को मिली। संग्रहालय ने उन्हें जशपुर की समृद्ध जनजातीय विरासत से नज़दीक से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।

यात्रा के दौरान पर्यटकों ने खांडसा गाँव में स्वादिष्ट पारंपरिक भोजन का भी आनंद लिया। स्थानीय व्यंजनों ने उन्हें ग्रामीण जीवनशैली और आतिथ्य की असली पहचान से परिचित कराया। समूह ने बताया कि गाँववालों की सादगी और आत्मीयता उनके लिए किसी यादगार अनुभव से कम नहीं रही।

ट्रिप्पी हिल्स ने पूरी यात्रा की ग्राउंड इम्प्लीमेंटेशन की जिम्मेदारी संभाली और उसे सहज, सुरक्षित व आनंददायक बनाया। पर्यटकों ने इस बात की प्रशंसा की कि टीम ने हर छोटे से छोटे पहलू पर ध्यान दिया, चाहे वह यात्रा की योजना हो, भोजन की व्यवस्था हो या स्थानीय गाइड की मदद से जगह-जगह जानकारी देना।

छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री ने जशपुर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की अपनी दूरदृष्टि स्पष्ट की है। उनका मानना है कि जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, गुफाओं, चाय बगानों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। इसी सोच के तहत वे लगातार पर्यटन अधोसंरचना, स्थानीय उद्यमिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की यह पहल न केवल जशपुर की विरासत को नई ऊँचाई दे रही है बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदाय के लिए भी अवसरों के नए द्वार खोल रही है। यह दूरदर्शी दृष्टिकोण जशपुर को आने वाले समय में विश्व पर्यटन के मानचित्र पर एक विशेष स्थान दिलाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

इस सफल यात्रा आयोजन में जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उनके नेतृत्व में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर योजनाएँ और पहलें की जा रही हैं, जिससे न केवल पर्यटक सुरक्षित और सुखद अनुभव प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय को भी प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।

स्थानीय समुदाय के सहयोग और पर्यटकों के सकारात्मक अनुभव से यह साफ दिखाई देता है कि आने वाले समय में जशपुर छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बन सकता है। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय युवाओं को रोज़गार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान करेगी।

पर्यटकों ने विदाई के समय कहा कि जशपुर का यह अनुभव उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा, यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, लोकसंस्कृति और लोगों की आत्मीयता ने उनके दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है।

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