जशपुर: जिले के ऐतिहासिक कंवर धाम पमसाला में आज आस्था और परंपरा के संगम के साथ अखिल भारतीय कंवर समाज के तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम कंवर धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद समाज के हजारों लोगों की मौजूदगी में इस महाधिवेशन की शुरुआत हुई।
यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, सामाजिक समरसता और भावी पीढ़ी के मार्गदर्शन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक महाअभियान है।

दिग्गजों का लगा जमावड़ा
इस गरिमामयी कार्यक्रम में समाज के कई बड़े चेहरे और राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कंवर समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री भरत साय, वरिष्ठ आदिवासी नेता डॉ. नंदकुमार साय और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, ज्येष्ठ-श्रेष्ठ बंधु और बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शिक्षा और युवाओं पर विशेष फोकस
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान वक्ताओं ने समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान पर जोर दिया। वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को संगठन से जोड़ना और उन्हें अपनी जड़ों से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। चर्चा के दौरान समाजहित में निरंतर कार्य करने और कुरीतियों को त्यागकर शिक्षा की ओर अग्रसर होने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया गया।

समाज को मिलेगी नई दिशा
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि पमसाला का यह आयोजन समाज को एक नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में लिए गए निर्णय न केवल आपसी सौहार्द को मजबूत करेंगे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने में भी सहायक होंगे।
