रायपुर/रतनपुर: छत्तीसगढ़ की धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी रतनपुर के दिन अब फिरने वाले हैं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रविवार को रतनपुर में आयोजित ‘माघी पूर्णिमा एवं आदिवासी विकास मेला-2026’ के शुभारंभ अवसर पर क्षेत्र के कायाकल्प के लिए बड़ी घोषणाएं कीं।
ऑडिटोरियम और अधोसंरचना पर जोर
श्री साव ने रतनपुर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 2 करोड़ रुपए की लागत से एक भव्य ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन की मजबूती के लिए नगर पालिका भवन की बाउंड्रीवाल हेतु 20 लाख रुपए देने का भी ऐलान किया।

कॉरीडोर के रूप में होगा विकास
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रतनपुर कभी छत्तीसगढ़ की राजधानी रही है और इसकी पौराणिक महत्ता पूरे विश्व में है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को संवारा गया है, उसी तर्ज पर माँ महामाया की इस नगरी को भी ‘कॉरीडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा।

तालाबों का होगा सौंदर्यीकरण
रतनपुर को तालाबों का शहर भी कहा जाता है। श्री साव ने स्पष्ट किया कि नगर के ऐतिहासिक तालाबों को सुंदर और व्यवस्थित बनाने का मार्ग अब प्रशस्त हो चुका है और इस पर जल्द ही कार्य शुरू होगा।
इस कार्यक्रम में विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
