छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन’ और श्रमिक कल्याण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के हजारों श्रमिकों को करोड़ों रुपये की सहायता राशि का वितरण किया है। मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बोर्ड बैठक में श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से 9328 निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में 18.23 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर (DBT) की।
दो वर्षों में 800 करोड़ से अधिक का लाभ
बैठक को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ‘श्रमिक हितैषी’ सरकार के रूप में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों के माध्यम से श्रमिकों के खातों में 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की जा चुकी है। अकेले ‘छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल’ द्वारा अब तक 11 लाख से अधिक श्रमिकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ दिया गया है।
प्रमुख योजनाओं के तहत वितरण का विवरण
सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। प्रमुख योजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
योजना वार लाभान्वित श्रमिकों एवं डीबीटी की जानकारी
उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना: 1 निर्माण श्रमिक के बच्चे को खेल प्रतिभा हेतु 50,000 रुपये का पुरस्कार मिला।
मिनीमाता महतारी जतन योजना: 3,555 श्रमिकों को 7,11,00,000 रुपये का लाभ मिला।
मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना: 2,673 श्रमिकों के खाते में 5,34,60,000 रुपये अंतरित किए गए।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना: 318 हितग्राहियों को 3,22,00,000 रुपये की सहायता दी गई।
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना: 537 बुजुर्ग श्रमिकों को 1,07,40,000 रुपये प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना: 278 प्रतिभावान बच्चों हेतु 62,48,582 रुपये जारी किए गए।
मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना: 1,098 श्रमिकों को साइकिल हेतु 40,67,595 रुपये का भुगतान हुआ।
मुख्यमंत्री आवास सहायता योजना: 23 श्रमिकों को अपना घर बनाने हेतु 23,00,000 रुपये दिए गए।
मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना: 747 श्रमिकों को सुरक्षा किट हेतु 11,20,500 रुपये मिले।
दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना: 8 महिला श्रमिकों को स्वरोजगार हेतु 8,00,000 रुपये की राशि दी गई।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना: 84 पात्र श्रमिकों को 1,26,000 रुपये की पेंशन राशि अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना: 6 श्रमिकों के इलाज हेतु 1,20,000 रुपये जारी हुए।
पारदर्शिता और त्वरित क्रियान्वयन पर जोर
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना प्राथमिकता है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेंशन और सशक्तिकरण के क्षेत्र में समय सीमा के भीतर लाभ सुनिश्चित कर रही है। इस अवसर पर दीदी ई-रिक्शा सहायता, उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन और निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण जैसी योजनाओं के लिए भी राशि जारी की गई।
मंत्री देवांगन ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है ताकि श्रमिक वर्ग आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
