देश में टैक्सी क्रांति: अमित शाह ने लॉन्च किया ‘भारत टैक्सी’ ऐप; ओला-उबर से 30% सस्ता सफर और ड्राइवरों को 0% कमीशन का तोहफा

नई दिल्ली | 05 फरवरी 2026

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘भारत टैक्सी’ ऐप को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। यह सेवा देश के कैब सेक्टर में निजी कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने वाला पहला सरकारी समर्थित सहकारी मॉडल है।

‘सारथी ही मालिक’: ड्राइवरों के लिए ऐतिहासिक पहल

लॉन्चिंग के दौरान अमित शाह ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म पर ड्राइवर केवल ‘गीग वर्कर’ नहीं बल्कि ‘मालिक’ होंगे। इस योजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • 0% कमीशन: निजी एग्रीगेटर्स (ओला/उबर) जो ड्राइवरों से 20-30% कमीशन लेते हैं, उसके मुकाबले भारत टैक्सी कोई कमीशन नहीं लेगा।
  • न्यूनतम दैनिक शुल्क: ड्राइवरों को ऐप इस्तेमाल करने के लिए केवल ₹30 का मामूली दैनिक शुल्क देना होगा।
  • सामाजिक सुरक्षा: प्रत्येक पंजीकृत ड्राइवर (सारथी) को ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और ₹5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है।
  • हिस्सेदारी: उत्कृष्ट कार्य करने वाले ड्राइवरों को शेयर प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, जिससे वे आधिकारिक तौर पर सहकारी संस्था के सह-मालिक बनेंगे।

आम जनता को 30% तक सस्ता सफर

यात्रियों के लिए यह ऐप किसी वरदान से कम नहीं है। शून्य कमीशन मॉडल के कारण बचत का सीधा लाभ ग्राहकों को मिलेगा।

  • नो सर्ज प्राइसिंग: पीक आवर्स या बारिश के समय अक्सर बढ़ने वाले किरायों (Surge Pricing) से ग्राहकों को मुक्ति मिलेगी।
  • किफायती किराया: अधिकारियों के अनुसार, भारत टैक्सी का किराया अन्य निजी कंपनियों की तुलना में 30% तक कम हो सकता है।
  • सुरक्षा व्यवस्था: सुरक्षा के लिए इसे दिल्ली पुलिस के साथ इंटीग्रेटेड किया गया है और दिल्ली में 35 विशेष सहायता बूथ स्थापित किए गए हैं।

देशव्यापी विस्तार की योजना

पायलट प्रोजेक्ट के दौरान दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में सफलता के बाद अब इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। अमित शाह ने घोषणा की कि अगले दो वर्षों में भारत टैक्सी का विस्तार देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों में किया जाएगा। वर्तमान में 3 लाख से अधिक ड्राइवर और 1 लाख से अधिक उपयोगकर्ता इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।

महिला सशक्तिकरण और डिजिटल इंडिया

इस प्लेटफॉर्म के जरिए “बाइक दीदी” पहल की भी शुरुआत की गई है, जिसमें अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर शामिल हो चुकी हैं। यह ऐप डिजिलॉकर और उमंग (UMANG) जैसे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पूरी तरह एकीकृत है।

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