बिलासपुर/रायपुर, 06 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ की ‘न्यायधानी’ बिलासपुर के हवाई संपर्क को लेकर एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR श्रेणी से अपग्रेड कर 3C-All Weather Operations (IFR) श्रेणी में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले के बाद अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर कोहरे, बारिश या कम दृश्यता (Low Visibility) जैसे खराब मौसम में भी विमानों का सुरक्षित संचालन संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार, बताया ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री जी के ‘उड़ान’ (UDAN) सपने के तहत छत्तीसगढ़ का बुनियादी ढांचा तेजी से मजबूत हो रहा है। ऑल वेदर ऑपरेशन की सुविधा मिलने से यात्रियों को अब फ्लाइट कैंसिल होने की समस्या से निजात मिलेगी और हवाई यात्रा अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक होगी।”
व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई ऊर्जा
बिलासपुर एयरपोर्ट के अपग्रेड होने से न केवल स्थानीय यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि इसके कई दूरगामी परिणाम होंगे:
- व्यापार और उद्योग: बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होने से निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
- पर्यटन: प्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों में स्थित पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अब देश-विदेश के सैलानियों के लिए आसान होगा।
- रोजगार: एयरपोर्ट की बढ़ती गतिविधियों के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
क्या है IFR और इसके फायदे?
अब तक बिलासपुर एयरपोर्ट पर ‘विजुअल फ्लाइट रूल्स’ (VFR) के तहत उड़ानें संचालित होती थीं, जिसमें पायलट को स्पष्ट दृश्यता की आवश्यकता होती थी। अब इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) की मंजूरी मिलने से विमान उपकरणों की सहायता से रात में और खराब मौसम में भी लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकेंगे। इससे एयरलाइंस का भरोसा बढ़ेगा और बिलासपुर से नई उड़ानों की शुरुआत होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
