ओडिशा सीमा पर बसे सोहागपुर की बदली सूरत; जल जीवन मिशन से हर घर पहुँचा साफ पानी, महिलाओं को मिली हैंडपंपों से मुक्ति

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में ‘जल जीवन मिशन’ खुशहाली की नई इबारत लिख रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले के अंतिम छोर पर और ओडिशा की सीमा से सटे ग्राम पंचायत टेड़ीनारा के सोहागपुर में हर घर नल से जल पहुंचाने का संकल्प पूरा हो गया है। कभी पानी के लिए लंबी कतारों और संघर्ष के लिए पहचाने जाने वाले इस गांव को अब आधिकारिक रूप से ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित कर दिया गया है।

₹54.38 लाख की लागत से बिछा जाल

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए 54 लाख 38 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। इस बजट से गांव में:

  • 40 किलो लीटर क्षमता का एक विशाल उच्च स्तरीय जलागार (पानी टंकी) बनाया गया है।
  • ​पूरे गांव में 2800 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है।
  • ​कुल 140 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे गांव का कोई भी घर अब प्यासा नहीं है।

महिलाओं के जीवन में आया बदलाव

इस योजना के क्रियान्वयन से पहले सोहागपुर के निवासी पूरी तरह से हैंडपंपों, पावर पंपों और कुंओं पर निर्भर थे। विशेषकर बरसात के मौसम में महिलाओं को दूर-दराज से पानी भरकर लाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

​अब घर में ही नल लग जाने से महिलाओं का कीमती समय बच रहा है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि अब वे इस समय का उपयोग अपने बच्चों की देखभाल और आजीविका संबंधी कार्यों (जैसे स्व-सहायता समूह के काम) में कर पा रही हैं।

दिसंबर में मिली बड़ी उपलब्धि

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सोहागपुर में जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता और निरंतरता को देखते हुए इसे बीते दिसंबर माह में ‘हर घर जल ग्राम’ की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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