रायपुर, 21 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने आश्रम-छात्रावासों की कार्य संस्कृति को बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट संकल्प-2026’ शुरू की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश और विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र बनेंगे छात्रावास
विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने स्पष्ट किया है कि अब छात्रावास केवल आवासीय केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण के सशक्त मंच बनेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ‘सीखो-सिखाओ, अंजोर फैलाओ’ की संस्कृति को धरातल पर उतारें ताकि छात्र आत्मनिर्भर और सफल नागरिक बन सकें।
दो चरणों में होगा मास्टर प्रशिक्षण
प्रोजेक्ट संकल्प का क्रियान्वयन दो विशिष्ट चरणों में किया जा रहा है:
- प्रथम चरण: जनजाति बाहुल्य 21 जिलों के सहायक आयुक्तों को 2.5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें “जीवन के रंग, खुशियों के संग” कार्यक्रम की रणनीति बनाई जाएगी।
- द्वितीय चरण: आश्रम और छात्रावास अधीक्षकों के लिए 8 दिवसीय वर्चुअल प्रशिक्षण आयोजित होगा। इसमें ‘सफलता मंत्र 1 से 9’ की अवधारणाएं सिखाई जाएंगी, जिन्हें अधीक्षक विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ साझा करेंगे।
गुणवत्तापूर्ण जीवन और सुरक्षा पर जोर
इस पहल के तहत आश्रमों में रह रहे बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन और नियमित शैक्षणिक सहयोग के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के भरपूर अवसर दिए जाएंगे। प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक जीवन कौशल (Life Skills) में भी छात्रों को सशक्त बनाना है।
