अनगड़ा/जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का उभरता हुआ स्टार्टअप ‘ट्रिप्पी हिल्स’ (Trippy Hills) अब न केवल अपने गृह राज्य बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड में भी इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हाल ही में झारखंड के अनगड़ा स्थित बीसा और जोन्हा पंचायत के सीमावर्ती क्षेत्र ‘टुंगरी’ में ‘जोन्हा डेरा’ टेंट कैंप का भव्य उद्घाटन किया गया।
इस कैंप का उद्घाटन झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन के जरिए समाज को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। इस पूरे प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसमें ‘ट्रिप्पी हिल्स’ ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव का लाभ देते हुए कैंप साइट को न केवल व्यवस्थित तरीके से सेटअप किया है, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं को ट्रेनिंग भी दी है।

स्थानीय महिलाओं को मिला विशेष प्रशिक्षण
ट्रिप्पी हिल्स की पहल से जोन्हा की 10 स्थानीय महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं अब पर्यटकों के स्वागत से लेकर, टेंट हाउस के प्रबंधन और पारंपरिक झारखंडी व्यंजन परोसने तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इससे क्षेत्र में आजीविका के नए साधन विकसित हुए हैं और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को बल मिला है।

प्रकृति की गोद में टेंट हाउस का अनुभव
जोन्हा फॉल्स के करीब स्थित इस कैंप में पर्यटकों के लिए टेंट हाउस में ठहरने की खास व्यवस्था की गई है। यहां रात में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी होती है, जो पर्यटकों को झारखंड की समृद्ध संस्कृति से रूबरू कराती है। उद्घाटन के पहले ही दिन 15 पर्यटकों ने यहां रुककर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।

छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच सेतु बना ‘ट्रिप्पी हिल्स’
जशपुर से निकलकर झारखंड के पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बनाना ‘ट्रिप्पी हिल्स’ के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह स्टार्टअप न केवल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब के रूप में विकसित कर रहा है, बल्कि अब अंतर्राज्यीय स्तर पर कैंप साइट सेटअप, ट्रेनिंग और ‘लाइवलीहुड जेनरेशन’ (आजीविका सृजन) के क्षेत्र में एक रोल मॉडल बनकर उभर रहा है।

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य राजेंद्र शाही मुंडा, जयलेंद्र कुमार, कैंप संचालक दिलीप बेदिया, भजन बेदिया, आतिश कुमार महतो और जलनाथ चौधरी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
