बगिया (जशपुर): संसाधनों और सत्ता का असली उद्देश्य तब सफल होता है जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति के आंसू पोंछने के काम आए। इसकी एक भावुक तस्वीर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में देखने को मिली, जहां 90 वर्ष की उम्र में श्रवण दोष से जूझ रही श्रीमती चाका बाई के जीवन में फिर से ‘ध्वनियों का संसार’ लौट आया।
उम्मीद लेकर पहुंची थीं कैंप कार्यालय
जशपुर जिले के ग्राम पंचायत जामचुआं (तहसील कुनकुरी) की निवासी चाका बाई पिछले लंबे समय से ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से परेशान थीं। उम्र के इस पड़ाव पर शारीरिक शिथिलता के बीच अपनों की बातों को न सुन पाना उनके लिए बड़ी पीड़ा थी। अपनी इसी समस्या के समाधान की आस लेकर वे मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंची थीं।
त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदना
कैंप कार्यालय में चाका बाई के आवेदन पर अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल कार्यवाही की। उनके परीक्षण के उपरांत बिना किसी विलंब के उन्हें ‘श्रवण यंत्र’ (Hearing Aid) प्रदान किया गया। जैसे ही मशीन की मदद से चाका बाई को आवाजें स्पष्ट सुनाई देने लगीं, उनके चेहरे पर आई मुस्कान ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
मुख्यमंत्री को दिया आशीर्वाद
यंत्र पाकर गदगद चाका बाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि “अब मैं फिर से सब कुछ सुन पा रही हूँ।”
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की स्थापना इसी उद्देश्य से की है ताकि दूर-दराज के गरीबों और जरूरतमंदों को प्रशासनिक जटिलताओं में फंसे बिना त्वरित सहायता मिल सके। आज चाका बाई की मुस्कान इस कार्यालय की सफलता की सबसे बड़ी गवाही दे रही है।
