राजधानी रायपुर आज उस समय गौरव के क्षणों की साक्षी बनी, जब अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर निकली “मैं भारत हूं” थीम आधारित स्कूटी रैली ने विश्व रिकॉर्ड कायम किया। मातृशक्ति की अभूतपूर्व एकजुटता और राष्ट्रभक्ति के जज्बे के कारण इस आयोजन को आधिकारिक तौर पर ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में स्थान मिला है।
माँ काली मंदिर से श्रीराम मंदिर तक तिरंगा यात्रा
रैली का भव्य शुभारंभ माँ काली मंदिर से सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गान के साथ हुआ। अखिल भारतीय धर्मजागरण समन्वय कार्यसमिति के सदस्य राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव और श्रीमती विभा अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। महिला पुलिस कर्मियों के अनुशासित दस्ते के नेतृत्व में हजारों महिलाएं हाथों में तिरंगा थामे शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरीं, जिनका नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यह यात्रा वीआईपी चौक स्थित श्रीराम मंदिर पर संपन्न हुई।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बढ़ाया उत्साह
समापन समारोह में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा, “भारत की अविरल संस्कृति और सभ्यता को अगर कोई आगे ले जाने वाला है, तो वह भारत की महिलाएं हैं। आज की नारी लखपति दीदी से करोड़पति दीदी तक का सफर तय कर रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है।” उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ पहाड़ों में तैनात महिला पुलिस कर्मियों का भी विशेष अभिनंदन किया।
यातायात जागरूकता का संदेश
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के उद्घोषक सोनल शर्मा ने इस रिकॉर्ड की आधिकारिक घोषणा की। आयोजन की संयोजिका डॉ. भारवि वैष्णव और सह-संयोजिका डॉ. अनामिका सिंह ने बताया कि रैली का उद्देश्य न केवल महिला सशक्तिकरण था, बल्कि यातायात नियमों (हेल्मेट उपयोग) के प्रति समाज को जागरूक करना भी था।
शक्ति और संस्कार का संगम
इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और राजेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। रैली में शामिल सभी प्रतिभागियों को हेलमेट प्रदान किए गए और उन्होंने राष्ट्र की एकता व अखंडता की शपथ ली। रायपुर की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब भारतीय नारी के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का जीवंत उदाहरण बन गया।
