आधी आबादी की पूरी ताकत: जशपुर की महिलाएं बन रही हैं ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जशपुर जिला एक मॉडल बनकर उभर रहा है। जिले में संचालित ‘लखपति दीदी’ अभियान ने ग्रामीण महिलाओं की किस्मत बदल दी है। अब तक 18 हजार से अधिक महिलाएं अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग से ‘लखपति’ की श्रेणी में शामिल होकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

1.37 लाख महिलाएं ‘बिहान’ से जुड़ीं

​जशपुर जिले में वर्तमान में 12,808 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 लाख 37 हजार 912 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), हस्तशिल्प और लघु उद्यमों के जरिए अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं। गांव-गांव में ‘कृषि सखियां’ और ‘पशु सखियां’ आधुनिक तकनीक को किसानों तक पहुँचाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रही हैं।

मिशन 2027: 30 हजार लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य

​राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से 2027 के बीच जशपुर जिले में 30,877 लखपति दीदी तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

  • अब तक की उपलब्धि: 18,218 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।
  • प्रशिक्षण: लगभग 8,500 संभावित लखपति दीदियों को डेयरी, बकरी पालन और पोल्ट्री जैसे व्यवसायों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

वित्तीय सहायता का मजबूत ढांचा

​’बिहान’ योजना के माध्यम से महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए व्यापक फंड उपलब्ध कराया जा रहा है:

  • मुद्रा लोन: लगभग 14 करोड़ रुपये।
  • बैंक लिंकेज: 76 करोड़ रुपये।
  • सामुदायिक निवेश निधि: 13 करोड़ रुपये। साथ ही, लगभग 70 हजार महिलाओं को कृषि, मत्स्य पालन और उद्यानिकी की गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।

‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’ का आगाज

​महिलाओं को नई तकनीकों और नवाचारों से रूबरू कराने के लिए 23 से 25 मार्च 2026 तक कृषि महाविद्यालय, कुनकुरी में ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’ का आयोजन किया जा रहा है। यह एक्सपो महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

​जशपुर की यह सफलता साबित करती है कि जब नारी शक्ति को सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिलता है, तो वह पूरे समाज की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है।

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