छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में विकास की एक ऐसी धारा पहुँची है, जिसने सदियों पुराने संघर्ष को खत्म कर दिया है। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर, पहाड़ियों की गोद में बसे जोगीमारा गांव की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। जल जीवन मिशन के तहत यहाँ के हर घर तक स्वच्छ पेयजल की पहुँच सुनिश्चित की गई है।
पहाड़ से पानी लाने की मजबूरी हुई खत्म
जोगीमारा की भौगोलिक स्थिति हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है। यहाँ का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ी ढलानों पर बसा है, जिसके कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पीने के पानी के लिए नीचे नालों या कुओं तक जाना पड़ता था। भारी बर्तन सिर पर लादकर पथरीले रास्तों से गुजरना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन अब, गाँव में स्थापित 10 केएल क्षमता की पानी टंकी और बिछी पाइपलाइनों ने इस कठिन परिश्रम को इतिहास बना दिया है।
56 घर, 56 नई कहानियाँ
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गाँव के 56 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं। अब नलों से नियमित रूप से शुद्ध जल की आपूर्ति हो रही है। इसकी सबसे बड़ी राहत उन घरों को मिली है जो ऊँचाई पर बसे हैं।
गाँव में आए बड़े बदलाव:
बच्चों की शिक्षा: पानी लाने के काम में हाथ बंटाने वाले बच्चों की अब स्कूल में उपस्थिति बढ़ी है।
समय की बचत: महिलाओं को अब घंटों पानी ढोने की ज़रूरत नहीं, जिससे वे परिवार और अन्य आजीविका कार्यों पर ध्यान दे पा रही हैं।
बेहतर स्वास्थ्य: स्वच्छ पेयजल मिलने से दूषित पानी से होने वाली बीमारियों पर लगाम लगी है।
