छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में साय सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। कल, रविवार 22 मार्च को बस्तर की धरती पर राज्य की पहली और सबसे बड़ी ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का आयोजन होने जा रहा है।
ऐतिहासिक रूट और खास थीम
‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ और ‘रन फॉर नेचर, रन फॉर कल्चर’ की थीम पर आधारित यह मैराथन जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पर समाप्त होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि बस्तर की समृद्ध परंपरा और पर्यटन क्षमता को दुनिया के सामने पेश करने का एक उत्सव है।
चार श्रेणियों में होगी दौड़, स्थानीय लोगों के लिए एंट्री फ्री
मैराथन को हर वर्ग के लिए सुलभ बनाने हेतु चार श्रेणियों में बांटा गया है:
- 42 KM (फुल मैराथन)
- 21 KM (हाफ मैराथन)
- 10 KM और 5 KM (फन रन)
प्रशासन ने बस्तर संभाग के सातों जिलों के प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रखा है, जबकि बाहरी प्रतिभागियों के लिए मात्र 299 रुपये शुल्क है। कुल 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि विजेताओं को दी जाएगी।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन से प्रेरित है। इससे बस्तर के स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और छोटे व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा। धावकों की सुरक्षा के लिए पूरे रूट पर मेडिकल सपोर्ट, रिफ्रेशमेंट पॉइंट्स और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
इवेंट के आकर्षण:
- प्रतिभागियों को फिनिशर मेडल और ई-सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।
- जुम्बा सेशन और लाइव डीजे से बढ़ाया जाएगा धावकों का उत्साह।
- प्रोफेशनल रनिंग फोटोग्राफ्स की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
मुख्यमंत्री ने देशभर के फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बस्तर आएं और इस ऐतिहासिक मैराथन का हिस्सा बनकर यहां की प्रकृति और संस्कृति को महसूस करें।
