छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गर्मी के तेवर कड़े होने लगे हैं। बढ़ते तापमान और संभावित ‘लू’ (Heat Wave) से जनहानि रोकने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क मोड पर है। प्रशासन ने आम नागरिकों, विशेषकर बाहर काम करने वाले श्रमिकों और बुजुर्गों के लिए एक विस्तृत एडवायज़री जारी की है।
श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए कड़े निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिलचिलाती धूप में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। नियोक्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि:
- कार्यस्थल पर स्वच्छ और ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच खुले में काम करने से बचने के लिए कार्य समय (शिफ्ट) में बदलाव करें।
- श्रमिकों के लिए विश्राम की अवधि बढ़ाएं और बीमार महसूस करने पर उन्हें तत्काल आराम दें।
क्या करें और क्या न करें?
एडवायज़री में नागरिकों को प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही:
- खान-पान: ओआरएस घोल, लस्सी, चावल का पानी (बोरे बासी), नींबू पानी और छाछ का अधिक सेवन करें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचें क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।
- पहनावा: हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को टोपी, कपड़े या छाते से जरूर ढकें।
- सावधानी: दोपहर के समय खाना पकाने से बचें और रसोई में वेंटिलेशन (खिड़की-दरवाजे) खुला रखें।
बुजुर्गों और पुलिस कर्मियों के लिए विशेष सलाह
वरिष्ठ नागरिकों को भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे पार्क या बाजारों में जाने से बचने को कहा गया है। वहीं, फील्ड पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को ‘कूलिंग जैकेट’ पहनने और यथासंभव छाया में रहने की सलाह दी गई है।
लू लगने पर क्या करें? (प्राथमिक उपचार)
यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें, तो:
- उसे तत्काल पंखे के नीचे ठंडी हवा में लिटाएं।
- सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें और शरीर पर पानी का छिड़काव करें।
- कच्चे आम का पना या जलजीरा पिलाएं।
- स्थिति न सुधरने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मितानिन/ANM से संपर्क करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के इस मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें।
