छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रशासनिक गलियारों और नीति निर्धारण की बारीकियों को समझने का एक सुनहरा मौका सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप” के तहत अब प्रदेश के प्रतिभावान छात्र न केवल देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM रायपुर से डिग्री लेंगे, बल्कि सीधे सरकार के साथ काम कर जमीनी अनुभव भी हासिल करेंगे।
जशपुर से उतरी जिलों तक पहुँची टीम
इस महत्वाकांक्षी कोर्स को लेकर युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए IIM रायपुर की एक विशेष टीम सक्रिय हो गई है। संस्थान के प्रतिनिधि श्री बिनॉय टी और श्री एस.एन. मंडल जशपुर सहित उत्तर छत्तीसगढ़ के विभिन्न इंजीनियरिंग और स्नातक महाविद्यालयों का दौरा कर रहे हैं। टीम न केवल छात्रों को आवेदन प्रक्रिया समझा रही है, बल्कि उन्हें यह भी बता रही है कि कैसे यह फेलोशिप उनके करियर को एक नई दिशा दे सकती है।
कोर्स की बड़ी बातें: फीस माफी और सम्मानजनक वजीफा
इस कार्यक्रम की सबसे आकर्षक बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को आर्थिक बोझ की चिंता करने की जरूरत नहीं है:
व्यावहारिक अनुभव: छात्रों को IIM में किताबी ज्ञान के साथ-साथ सरकारी विभागों में ‘फील्ड एक्सपोजर’ मिलेगा, जहाँ वे नीति निर्माण को करीब से देख पाएंगे।
पूरी फीस माफी: चयनित अभ्यर्थियों की शिक्षा का पूरा खर्च छत्तीसगढ़ शासन वहन करेगा।
₹50,000 मासिक छात्रवृत्ति: पढ़ाई के दौरान छात्रों को हर महीने 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
