छत्तीसगढ़ में वन संपदा की चोरी करने वालों के खिलाफ वन विकास निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के सख्त निर्देशों के बाद, निगम की टीम ने बिलासपुर जिले के कोटा परियोजना मंडल में गश्त के दौरान अवैध लकड़ी के परिवहन को नाकाम करते हुए एक पिकअप वाहन जब्त किया है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

मिली जानकारी के अनुसार, भैंसाझार परिक्षेत्र के बछाली बीट में अवैध गतिविधि की गुप्त सूचना मिली थी। इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए टीम ने ग्राम नवापारा और उमरमरा के बीच मुख्य मार्ग पर नाकेबंदी की। इसी दौरान एक संदेही जितो प्लस पिकअप वाहन (क्रमांक CG-10BL-4663) को रोककर तलाशी ली गई।
जांच करने पर अधिकारियों के होश उड़ गए; वाहन के भीतर बेशकीमती साल प्रजाति की 27 नग लकड़ी (चिरान/चौखट) छिपाई गई थी, जिसका कोई वैध दस्तावेज चालक के पास नहीं था।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
वन विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से वाहन और लकड़ियों को राजसात कर लिया है। मामले में वाहन चालक रघुवीर कश्यप को हिरासत में लिया गया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 41(2) (ख) और धारा 52 के तहत वन अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
अधिकारी का बयान:
“वन सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार के मार्गदर्शन में गश्त बढ़ाई गई है। इस कार्रवाई में शामिल कर्मचारियों के योगदान को उनके गोपनीय प्रतिवेदन (CR) में विशेष स्थान दिया जाएगा।”
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यह पूरी कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक (बिलासपुर) और मंडल प्रबंधक (कोटा) के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुई। टीम में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी सहित सहायक क्षेत्रपाल और क्षेत्ररक्षक शामिल थे। प्रबंध संचालक ने टीम की मुस्तैदी की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी अवैध कटाई, अतिक्रमण और उत्खनन पर इसी तरह का “जीरो टॉलरेंस” जारी रहेगा।
