छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और आर्थिक दिशा को नई गति प्रदान करते हुए आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य के वित्त मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने सरकार का तृतीय बजट प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पेश इस बजट के दौरान सदन में राज्य के सभी मंत्रीगण और विधायक उपस्थित रहे।
यह बजट प्रदेश की समग्र उन्नति, आर्थिक मजबूती और सामाजिक समावेशन की भावना से ओतप्रोत है। सरकार ने इसमें समाज के हर वर्ग—किसान, श्रमिक, युवा, महिला, व्यापारी और कर्मचारी—की आवश्यकताओं को संतुलित रूप से समाहित किया है।
प्रमुख विकास स्तंभ: शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा
बजट में राज्य की आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गई हैं। इन प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विकास पथ को नई ऊर्जा प्रदान करना और राज्य की जीडीपी में ठोस वृद्धि सुनिश्चित करना है।
”यह बजट माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिशन 2047’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अग्रणी राज्य बनाना है।”
— बजट भाषण का मुख्य अंश
जन-जन की आकांक्षाओं का दस्तावेज
बजट प्रस्तुति के बाद राजनीतिक गलियारों और सामाजिक क्षेत्रों से उत्साहजनक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र लुड़ेग–तमता मंडल के महामंत्री एवं समाजसेवी श्री लक्ष्मीनारायण यादव ने बजट की सराहना करते हुए इसे “जन-जन की आकांक्षाओं का दस्तावेज” करार दिया।
श्री यादव ने कहा:
- यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- इसमें सभी वर्गों के हितों की समुचित रक्षा की गई है।
- कृषि और उद्योग क्षेत्र में इससे विकास की रफ्तार और अधिक तीव्र होगी।
निष्कर्ष: भविष्य का रोडमैप
राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत यह बजट न केवल वर्तमान की तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी आकार देता है। ‘विकास, विश्वास और समावेशन’ के मंत्र के साथ यह दस्तावेज छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराता है।
