जशपुरनगर, 25 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास की दिशा में एक दूरदर्शी कदम साबित हो रहा है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा पेश किया गया यह बजट ‘सुशासन’ और ‘पारदर्शिता’ के संकल्प पर टिका है। विशेष रूप से जशपुर जिले के लिए इस बजट में किए गए प्रावधानों ने विकास की नई उम्मीदें जगा दी हैं।
पंचतत्त्वों पर आधारित विकास का रोडमैप
यह बजट नीति, न्याय, निवेश, निर्माण और नवाचार के पंचतत्त्वों पर केंद्रित है, जो विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य ‘छत्तीसगढ़ अंजोर-2047’ को गति प्रदान करेगा। बजट में जशपुर जिले की आधारभूत संरचना, कृषि, सिंचाई, खेल और धार्मिक पर्यटन को प्राथमिकता दी गई है। इससे न केवल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
आमजनों और विशेषज्ञों की राय:
जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने इस बजट को ऐतिहासिक बताया है:
- बिनीत जिंदल (चार्टर्ड अकाउंटेंट, कुनकुरी): उन्होंने खेल सुविधाओं के विस्तार और नए स्टेडियम के प्रस्ताव को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। साथ ही, पंपशाला एनिकट में लिफ्ट इरिगेशन योजना को किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में बड़ा कदम करार दिया।
- घनश्याम यादव (व्यवसायी, ग्राम बोगी): स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, निवेश और आजीविका को प्राथमिकता मिलने से छोटे उद्योगों को संबल मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
- राजकुमार (युवा): उन्होंने बजट को गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण का दस्तावेज बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
जशपुर को क्या मिलेगा?
बजट के माध्यम से जिले में दूरस्थ अंचलों तक पक्की सड़कों और पुलों का जाल बिछेगा। इसके अलावा माटी शिल्प कला के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन के विकास से जिले की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, वर्ष 2026-27 का यह बजट विकास और विश्वास का एक ऐसा दस्तावेज है, जो जशपुर सहित पूरे प्रदेश को स्वर्णिम भविष्य की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
