छत्तीसगढ़ कैबिनेट: नवा रायपुर में खुलेगा नरसी मोंजी (NMIMS) का कैंपस, नई आबकारी नीति को मंजूरी, जानें 4 बड़े फैसले

रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार (21 जनवरी 2026) को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विकास, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में कई दूरगामी निर्णय लिए गए।

​कैबिनेट ने नवा रायपुर को ‘एजुकेशन और आईटी हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। यहाँ पढ़िए कैबिनेट के चार प्रमुख निर्णय:

1. नवा रायपुर में खुलेगा प्रतिष्ठित नरसी मोंजी संस्थान

​प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुंबई के प्रतिष्ठित श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को नवा रायपुर अटल नगर में अपना संस्थान स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।

  • जमीन आवंटन: संस्था को ‘नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान’ (Narsee Monjee Institute of Management Studies) की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में 40 एकड़ का भू-खण्ड आवंटित किया जाएगा।
  • लीज़: यह आवंटन 90 वर्षों के लिए एकमुश्त लीज़ पर किया गया है।
  • संस्था की साख: SVKM 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है और वर्तमान में 30 संस्थान चला रहा है। वर्ष 2025 की NIRF रैंकिंग में इसे 52वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके आने से छत्तीसगढ़ के छात्रों को वर्ल्ड-क्लास मैनेजमेंट शिक्षा का लाभ मिलेगा।

2. आईटी और स्टार्टअप्स को मिलेगी नई उड़ान (STPI के साथ MoU)

​युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ समझौता (MoU) करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नवा रायपुर में 04 नवीन उद्यमिता केंद्र (Centers of Entrepreneurship) स्थापित किए जाएंगे।

​ये केंद्र इन क्षेत्रों पर फोकस करेंगे:

  • ​आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  • ​मेडटेक (हर्बल मेडिसिन और वन उत्पाद आधारित)
  • ​स्मार्ट सिटी
  • ​स्मार्ट एग्री (कृषि)

लक्ष्य: अगले 3 से 5 वर्षों में 133 डोमेन-विशेष स्टार्टअप्स को तैयार करना। इसके अलावा, एक ‘इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ESDD)’ केंद्र भी बनेगा, जो हर साल 30-40 हार्डवेयर स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप बनाने में मदद करेगा।

3. नई आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी

​मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। इसके साथ ही, विभाग को इस नीति से संबंधित सभी अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए अधिकृत किया गया है। यह नीति राजस्व अर्जन और मदिरा के विनियमन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

4. सरकारी अस्पतालों में मजबूत होगी जांच सुविधा

​प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कैबिनेट ने जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में लैब सुविधाओं को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।

​जांच की संख्या बढ़ाई जाएगी और निर्धारित मानकों का पालन किया जाएगा ताकि मरीजों को निजी लैब पर निर्भर न रहना पड़े।

​सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित की जाएगी।

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