रायपुर/कबीरधाम: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। कबीरधाम जिले में धान खरीदी का कार्य न केवल व्यवस्थित तरीके से हो रहा है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम और समय पर भुगतान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
किसानों को मिल रही ‘वीआईपी’ सुविधा
इस बार उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं पहले से काफी बेहतर की गई हैं। किसानों को धूप में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए छांव और पीने के पानी के इंतजाम हैं। प्रशासन द्वारा बारदाना और तौल की व्यवस्था को पारदर्शी रखा गया है। साथ ही, धान के उठाव (लिफ्टिंग) का काम भी तेजी से चल रहा है, जिससे केंद्रों पर जाम की स्थिति नहीं बन रही और किसान आसानी से अपनी उपज बेच पा रहे हैं।
गौरतलब है कि साय सरकार ने किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का वादा निभाया है, जिससे खेती अब केवल गुजारे का नहीं, बल्कि मुनाफे का सौदा बन गई है।
बबूलूराम बोले- अब दिनभर नहीं करना पड़ता इंतजार
सुशासन का यह असर कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी के किसान श्री बबूलूराम यादव के अनुभव में साफ झलकता है। बबूलूराम ने इस वर्ष समिति में 35 क्विंटल 60 किलो धान बेचा है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए वे बताते हैं, “पहले धान बेचने के लिए पूरा दिन केंद्र पर बैठना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन की सुविधा ने काम बहुत आसान कर दिया है।”
खाद-बीज से लेकर भुगतान तक सब समय पर
श्री यादव ने बताया कि इस बार सरकार ने समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की, जिससे फसल की पैदावार अच्छी हुई। उपज बेचने के बाद बारदाने की कोई किल्लत नहीं हुई और तौल भी सही हुआ। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि धान बेचने के कुछ ही समय बाद राशि सीधे बैंक खाते में आ रही है।
राज्य सरकार की इस किसान हितैषी पहल से अन्नदाताओं का भरोसा प्रशासन पर बढ़ा है। अब किसान बिना किसी परेशानी के दोगुने उत्साह के साथ खेती कर रहे हैं।
