बिहान योजना से संवरी भगवती की तकदीर: ईंट निर्माण और किराने के दम पर गुमगरा खुर्द की बेटी बनी ‘लखपति दीदी’

छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना आज ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत गुमगरा खुर्द की रहने वाली श्रीमती भगवती सिंह आज आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रही हैं। कभी संकोच और अभावों में जीवन जीने वाली भगवती आज न केवल अपने परिवार का मजबूत आधार बनी हैं, बल्कि क्षेत्र में एक सफल उद्यमी और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

संकोच से आत्मविश्वास तक का सफर

भगवती सिंह बताती हैं कि वर्ष 2014 में ‘रेखा महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़ना उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट रहा। समूह से जुड़ने से पहले वे बाहरी दुनिया से कटी हुई थीं, लेकिन बिहान ने उनमें आत्मविश्वास भरा और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का रास्ता दिखाया।

सब्जी की खेती से ईंट निर्माण तक की सफलता

भगवती ने अपनी यात्रा समूह से प्राप्त 15 हजार रुपये की आरएफ (RF) राशि से शुरू की, जिससे उन्होंने सब्जी की खेती की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 30 हजार रुपये की सीआईएफ (CIF) राशि का निवेश कर उन्होंने ईंट निर्माण का कार्य शुरू किया। अपनी मेहनत से उन्होंने 50 हजार ईंटें तैयार कीं, जिससे हुए लाभ से आज उनके दोनों बेटे, विवेक और विक्की, अच्छे स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

विविध व्यवसायों से बदली आर्थिक स्थिति

आजीविका को और विस्तार देने के लिए उन्होंने समूह के माध्यम से 50 हजार रुपये का बैंक लोन लिया और गांव में ही किराना व कपड़े की दुकान खोली। इन विभिन्न आय स्रोतों ने उनके परिवार की तस्वीर बदल दी। जो परिवार कभी कच्चे मकान में रहता था, आज भगवती की मेहनत से उनका अपना पक्का घर है।

शासन की योजनाओं के प्रति जताया आभार

अपनी इस अविश्वसनीय सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को देते हुए भगवती कहती हैं, “बिहान योजना की बदौलत आज हम ग्रामीण दीदियां अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।” उनके पति श्री भलेनाथ सिंह उरे और बच्चे आज इस कामयाबी पर गर्व महसूस करते हैं।

​भगवती जैसी हजारों महिलाएं आज ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को धरातल पर उतार रही हैं, जो यह साबित करता है कि अवसर मिले तो ग्रामीण भारत की महिलाएं किसी भी शिखर को छू सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *