रायपुर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बजट को छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक ‘मील का पत्थर’ करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के ये प्रावधान पर्यटन को रोजगार का एक बड़ा इंजन बनाएंगे।
पर्यटन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि बजट में राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान (National Institute of Hospitality) की स्थापना और प्रमुख पर्यटन केंद्रों में 10,000 गाइडों के प्रशिक्षण की पायलट योजना जैसे कदम छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं के लिए वरदान साबित होंगे। उन्होंने आगे कहा, “यह बजट छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर चमकाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे राज्य में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा।”
छत्तीसगढ़ को मिलेगा विशेष लाभ बजट के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि:
- इकोलॉजिकल माउंटेन ट्रेल्स: राज्य के सरगुजा और बस्तर संभाग में इको-टूरिज्म को इससे नई गति मिलेगी।
- पुरातात्विक स्थल: देश के 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना से छत्तीसगढ़ के प्राचीन स्थलों के विकास की भी उम्मीदें जगी हैं।
- सस्ती यात्रा: अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर TCS दर को 2% तक घटाने से पर्यटन क्षेत्र में उत्साह आएगा, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रगति श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ पहले ही पर्यटन नीति 2026 के माध्यम से 350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित कर चुका है। राज्य में चित्रकोट, बस्तर की जनजातीय संस्कृति और राजिम कुंभ जैसे आयोजनों को केंद्र की योजनाओं से सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का राजस्व 5 गुना बढ़कर 10 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है, जो राज्य की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
अंत में, मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाला है और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती प्रदान करेगा।
