छत्तीसगढ़ सरकार की ‘चिरायु योजना’ आज जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इस योजना ने न केवल बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की उम्मीदों को भी जिंदा रखा है। ताजा मामला जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम ओरडीह का है, जहाँ एक जनजातीय परिवार की बेटी अमीषा केरकेट्टा को इस योजना के माध्यम से नवजीवन प्राप्त हुआ है।
स्क्रीनिंग में हुआ बीमारी का खुलासा
अमीषा अक्सर बीमार रहती थी, जिससे उसके माता-पिता बेहद चिंतित थे। जिला चिकित्सालय जशपुर में चिरायु टीम द्वारा की गई जांच में पता चला कि अमीषा जन्म से ही हृदय रोग (Heart Disease) से पीड़ित है। पेशे से किसान, पिता अशोक केरकेट्टा के लिए बेटी के इलाज का भारी-भरकम खर्च उठा पाना नामुमकिन था। ऐसे संकट के समय चिरायु टीम ने उन्हें सरकारी खर्चे पर इलाज का भरोसा दिलाया।
रायपुर में हुआ निःशुल्क सफल ऑपरेशन
योजना के तहत अमीषा को बेहतर उपचार के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नया रायपुर भेजा गया। जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका सफल ऑपरेशन किया गया। अब 11 वर्ष की अमीषा पूरी तरह स्वस्थ है और अपने सामान्य जीवन में लौट चुकी है।
क्या है चिरायु योजना?
उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। इसमें 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर उनका निःशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाता है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को देश के बड़े अस्पतालों में भी भेजा जाता है।
परिजनों ने जताया आभार
अमीषा के मुस्कुराते चेहरे को देख उसके माता-पिता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रति गहरा आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनशीलता के कारण आज उनकी बेटी स्वस्थ है।
