छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार को एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम माना-तूता में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ (Chitrotpala Film City) और ‘ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर’ का भूमिपूजन किया। लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली यह परियोजना न केवल प्रदेश के कलाकारों के लिए सपनों की उड़ान साबित होगी, बल्कि राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।
सपना हुआ साकार, मिलेगी वैश्विक पहचान
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। उन्होंने कहा, “यह परियोजना राज्य को फिल्म निर्माण के नक्शे पर एक विशेष पहचान दिलाएगी। यहां की स्थानीय प्रतिभाओं को अब अपनी कला के प्रदर्शन के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उनका उचित सम्मान मिल रहा है।”

फिल्म सिटी में मिलेंगी ये विश्वस्तरीय सुविधाएं
योजना के मुताबिक, फिल्म सिटी में गांव, शहर, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुलिस चौकी, मंदिर और शॉपिंग स्ट्रीट जैसे स्थायी सेट तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा पर्यटकों के आकर्षण के लिए टॉय म्यूजियम, स्नो वर्ल्ड, मल्टीप्लेक्स और एक्सपीरियंस सेंटर भी बनाए जाएंगे। वहीं, ट्राइबल कन्वेंशन सेंटर में 1500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक हॉल, लाइब्रेरी और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं होंगी।

‘गदर’ के निर्माता ने दिया पहला प्रस्ताव
भूमिपूजन के साथ ही पर्यटन विभाग को चार बड़े निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं, जो इस प्रोजेक्ट की सफलता की ओर इशारा करते हैं:
- अनिल शर्मा (निर्माता, गदर): अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग चित्रोत्पला फिल्म सिटी में करने का प्रस्ताव दिया।
- आशुतोष वाजपेयी (एटी फिल्म्स, हॉलीवुड): हॉलीवुड फिल्मों और स्ट्रीमिंग कंटेंट को यहां लाने का प्रस्ताव।
- राकेश कुमार (इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट): इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर बनाने की योजना।
- नीरज खन्ना: वर्ल्ड क्लास हैंडीक्राफ्ट्स फेयर आयोजित करने का प्रस्ताव।
पर्यटन और रोजगार को मिलेंगे नए पंख
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की नींव है। पिछले कुछ वर्षों में ‘न्यूटन’, ‘पंचायत’ (वेब सीरीज) और ‘द ग्रेट इंडियन मर्डर’ जैसे प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं की पसंद बनकर उभरा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से स्थानीय तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।

उल्लेखनीय है कि यह परियोजना पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत विकसित की जाएगी और इसे अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
