मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) के सैन्य और सिविल सेवा अधिकारियों के एक उच्च स्तरीय अध्ययन दल से आत्मीय संवाद किया। इस 15 सदस्यीय दल में भारत के अलावा म्यांमार, जापान, बांग्लादेश, भूटान और ग्रीस के सैन्य अधिकारी भी शामिल थे।
नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार
अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा था, जिसे अब केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रभावी ढंग से दूर कर दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुरक्षाबलों के बढ़ते मनोबल और सशक्त नीति के कारण प्रदेश में अब शांति और विकास की गति और तेज होगी।
खनिज और ऊर्जा में अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक शक्ति का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य कोयले से लेकर हीरे तक के भंडार से समृद्ध है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन के साथ एक ‘पावर सरप्लस’ राज्य है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो राज्य के भविष्य को और उज्ज्वल बनाएंगे।
विदेशी मेहमानों ने की बस्तर की सराहना
अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी और अन्य विदेशी अधिकारियों ने अपने 05 दिवसीय प्रवास के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात और कोंडागांव के शिल्पग्राम की जमकर प्रशंसा की। विदेशी अधिकारियों ने कहा, “छत्तीसगढ़ अद्भुत है, हम यहाँ की सुंदर स्मृतियों के साथ अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।”
इन क्षेत्रों का किया भ्रमण:
- नया रायपुर: शहर का व्यवस्थित मास्टर प्लान।
- कांकेर: जंगल वारफेयर कॉलेज की कार्यप्रणाली।
- बस्तर: सुरक्षा रणनीति, कला-संस्कृति और पर्यटन।
- भिलाई: स्टील प्लांट और कानून व्यवस्था का अवलोकन।
जनहितकारी योजनाओं का प्रभाव
मुख्यमंत्री ने ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 15 हजार करोड़ के वितरण और धान खरीदी (3100 रुपये प्रति क्विंटल) जैसी योजनाओं का जिक्र किया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। अध्ययन दल ने माना कि स्पष्ट नेतृत्व के कारण इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर दिख रहा है।
