प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम ने देश को सकारात्मकता और नवाचार की नई दिशा दी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

एआई (AI) और आधुनिक भारत का विजन

​कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा:

​”ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट और ‘मेड इन इंडिया’ के तीन एआई मॉडल का लॉन्च होना इस बात का प्रमाण है कि भारत अब तकनीक के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। छत्तीसगढ़ भी स्टार्टअप संस्कृति और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

कृषि और आत्मनिर्भरता: धान का कटोरा और विश्व रिकॉर्ड

​मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री द्वारा कृषि क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों की चर्चा की सराहना की। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि आज भारत में धान की 500 से अधिक किस्मों की खेती हो रही है और देश विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन चुका है। इसमें छत्तीसगढ़ के किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों का बड़ा योगदान है।

मानवता की मिसाल: 10 माह की आलिन शेरिन का अंगदान

​संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने केरल की 10 माह की मासूम आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के फैसले का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने इसे मानवता की अनुपम मिसाल बताते हुए बच्ची के माता-पिता को नमन किया और कहा कि यह समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता लाने में मील का पत्थर साबित होगा।

साइबर सुरक्षा और ‘डिजिटल अरेस्ट’ से सावधानी

​डिजिटल युग की चुनौतियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के संदेश को दोहराया। उन्होंने नागरिकों से डिजिटल फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों से सावधान रहने, केवाईसी (KYC) और बैंकिंग सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

परंपरा और तकनीक का संगम

​मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा में अमूल द्वारा एआई के उपयोग और ‘सुश्रुत संहिता’ जैसे प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण के प्रयासों को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन समन्वय बताया। उन्होंने टी-20 विश्व कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की उपलब्धि और आगामी त्योहारों (होली व रमजान) के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान का भी समर्थन किया।

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