जन विश्वास से जन कल्याण तक: साय सरकार के 2 साल, विकास की नई इबारत लिख रहा छत्तीसगढ़

रायपुर:

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। ‘जन विश्वास से जन कल्याण’ (From Public Trust to Public Welfare) के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही साय सरकार ने इन दो वर्षों में राज्य के सर्वांगीण विकास की गति को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार केवल वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने और हर वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित है।

​सरकार के दो साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों और लोक-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ अब तेजी से समग्र विकास की ओर अग्रसर है।”

‘मोदी की गारंटी’ और बड़े फैसले

​विष्णुदेव साय सरकार के दो साल का कार्यकाल कड़े और बड़े फैसलों के लिए जाना जा रहा है। सरकार ने शपथ लेते ही सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर यह साफ कर दिया था कि गरीब और वंचित वर्ग उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर हैं।

​मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने जनता का भरोसा जीता है और अब उस भरोसे को जनकल्याण में बदल रहे हैं। पिछले दो सालों में हमने इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किसानों की जेब तक, हर क्षेत्र में काम किया है।”

प्रमुख उपलब्धियां और योजनाएं जिन्होंने बदली तस्वीर:

  1. महतारी वंदन योजना: महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित हुई है। प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में हर महीने 1000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला है।
  2. किसानों से किया वादा निभाया: ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तय कर किसानों को बड़ी राहत दी है। इसके अलावा, दो साल का बकाया बोनस देकर सरकार ने अपना पुराना वादा भी पूरा किया।
  3. नक्सलवाद पर प्रहार और नियद नेल्लानार: बस्तर में शांति बहाली के लिए सरकार ने ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गाँव) योजना शुरू की। इसके तहत सुरक्षा कैंपों के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में राशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। सरकार की सख्त नीतियों के चलते नक्सली घटनाओं में कमी आई है और क्षेत्र में विकास की गति बढ़ी है।
  4. युवाओं और रोजगार पर फोकस: पीएससी (CGPSC) परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश और भर्ती परीक्षाओं में आयु सीमा में 5 साल की छूट जैसे फैसलों ने युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास जगाया है।
  5. श्री रामलला दर्शन योजना: राज्य के श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन कराने के लिए शुरू की गई इस योजना ने सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया है।
  6. तेंदूपत्ता संग्राहकों को तोहफा: वनांचल क्षेत्रों में आदिवासियों की आय बढ़ाने के लिए तेंदूपत्ता का पारिश्रमिक 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया।

भविष्य की राह: ‘विकसित छत्तीसगढ़’

​मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ये दो साल तो बस शुरुआत हैं। उनकी सरकार का लक्ष्य ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण करना है, जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर हर नागरिक को समान रूप से मिलें। उन्होंने कहा, “डबल इंजन की सरकार के साथ हम छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।”

​दो साल के इस सफर ने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ हो, तो नीतियां धरातल पर उतरती हैं और ‘जन विश्वास’ सचमुच ‘जन कल्याण’ में बदल जाता है।

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