पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भावनाओं और सामाजिक संवेदनाओं को जोड़ते हुए, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान एक सराहनीय पहल की। उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में विकसित ‘मातृत्व वन’ में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत सीता अशोक के पौधे का रोपण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल प्रकृति के संवर्धन का संदेश दिया, बल्कि माँ के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित करते हुए लोगों को इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
माँ के प्रति सम्मान और प्रकृति का समन्वय
पौधरोपण के पश्चात अपने उद्बोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने भावुक होते हुए कहा, “माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोपरि है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति अपने सम्मान को प्रकृति से जोड़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र को बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में भावी पीढ़ियों के लिए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेगी। यह पहल सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मातृत्व वन: आस्था और औषधियों का संगम
लगभग 2 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैला यह ‘मातृत्व वन’ पर्यावरण संरक्षण और मानवीय भावनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण है। यहाँ जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया है, जिसने इस अभियान को भावनात्मक रूप से बेहद खास बना दिया है।
इस वन में पर्यावरणीय और औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- सीता अशोक
- आंवला
- अर्जुन
- नागकेसरी
- गुलमोहर
- जामुन, टिकोमा, झारुल, लक्ष्मीतरु, बीजा और सिन्दूर।
ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में मदद करेंगे, बल्कि आने वाले समय में औषधीय एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ‘मातृत्व वन’ का मुख्य उद्देश्य ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करना है।
अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति:
इस विशेष अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, और वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
