भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक: ‘सूर्य घर’ योजना ने बदली तस्वीर

नई दिल्ली: ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने एक और मील का पत्थर स्थापित किया है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भारत अब सौर ऊर्जा (Solar Energy) का उत्पादन करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। इस उपलब्धि के साथ ही भारत ने जापान जैसे विकसित देश को भी पीछे छोड़ दिया है। इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय बड़े पैमाने पर चल रही ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को दिया जा रहा है, जिसने देश के लाखों घरों को सौर ऊर्जा से रोशन कर दिया है।

‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ – एक क्रांति:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ ने भारत में सौर ऊर्जा के उपयोग को एक नई दिशा दी है। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान करती है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 26 लाख से ज़्यादा घरों में सफलतापूर्वक सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।

आम जनता को सीधा लाभ:

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा आम जनता को मिल रहा है। जिन घरों में सोलर पैनल लगे हैं, उनके बिजली के बिल या तो बहुत कम हो गए हैं या पूरी तरह से खत्म हो गए हैं। इसके अलावा, कई घरों में अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर उसे ग्रिड को बेचकर आय अर्जित करने का भी मौका मिल रहा है। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचा रही है, बल्कि उन्हें पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।

पर्यावरण संरक्षण में योगदान:

सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) पर निर्भरता कम हो रही है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आई है। यह भारत के जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को पूरा करने और स्वच्छ व हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भविष्य की योजनाएं:

सरकार का लक्ष्य इस योजना का और विस्तार करना है ताकि अधिक से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंच सके। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जा रहा है। भारत का यह कदम वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक मिसाल कायम कर रहा है।

​यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में भी उभर रहा है।

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