छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी वादियाँ और शांत वातावरण अब पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों का सुखद परिणाम अब धरातल पर दिखने लगा है। जशपुर के गांवों में संचालित ‘होमस्टे’ पर्यटकों के लिए सुकून का ठिकाना बन रहे हैं।
Trippy Hills: डिजिटल माध्यम से जुड़ा ग्रामीण पर्यटन
जशपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने में स्थानीय स्टार्टअप ‘Trippy Hills’ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। पर्यटकों को होमस्टे से जोड़ने और उनकी बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाने में इस स्टार्टअप ने अहम जिम्मेदारी निभाई है। इसी डिजिटल पहुंच का परिणाम है कि आज बाहरी राज्यों के पर्यटक सीधे जशपुर के सुदूर अंचलों तक पहुंच पा रहे हैं।

स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य का संगम
जिला प्रशासन के निरंतर सहयोग से जशपुर के ग्रामीण अंचलों में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिली है। हाल ही में रायपुर से आए पर्यटकों ने केरे स्थित महुआ होमस्टे में रुककर ग्रामीण जीवन और स्थानीय खान-पान का आनंद लिया। वहीं, मध्य प्रदेश के सीधी जिले से पहुंचे पर्यटकों ने देवोबरा (मयाली) स्थित बनफूल होमस्टे की मेहमाननवाजी की जमकर सराहना की।
पर्यटकों का अनुभव
पर्यटक कार्तिकेय सिंह, कुसुम, अरविन्द पटेल, निधि, रोशन साहू और प्रीति साहू जैसे कई सैलानी जशपुर की सादगीपूर्ण जीवनशैली और यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य के कायल नजर आए। पर्यटकों का कहना है कि ‘Trippy Hills’ जैसे स्थानीय प्लेटफॉर्म की मदद से उन्हें रहने और घूमने की बेहतरीन सुविधा मिली है।
रोजगार के खुले द्वार
होमस्टे योजना के विस्तार से न केवल पर्यटन को नई पहचान मिल रही है, बल्कि इससे सीधे तौर पर ग्रामीणों को रोजगार और आय के नए स्रोत उपलब्ध हो रहे हैं। भविष्य में इस मॉडल को और अधिक विस्तार देने की योजना है, जिससे जशपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े टूरिस्ट हब के रूप में स्थापित होगा।
