जशपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जशपुर जिले में बांध, जलाशय एवं नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि और उनके मुआवजे के भुगतान का मामला प्रमुखता से उठा। पत्थलगांव विधायक और सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने इस संबंध में सवाल उठाते हुए प्रभावित किसानों की स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
18 परियोजनाओं के लिए प्रक्रिया जारी
विधायक गोमती साय के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सदन को जानकारी दी कि विगत पांच वर्षों में जशपुर जिले के भीतर कुल 18 परियोजनाओं के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के लिए कुल 143.857 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है।
₹36.45 करोड़ का मुआवजा प्रस्तावित
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को दिया जाने वाला मुआवजा ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनस्थापन अधिनियम 2013’ के प्रावधानों के तहत निर्धारित किया गया है। इसके लिए कुल ₹36,45,60,261 की राशि प्रस्तावित की गई है। हालांकि, भू-अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण न होने और अंतिम अवार्ड पारित न होने के कारण अब तक भुगतान लंबित है।
वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजना
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार:
- 18 में से 4 परियोजनाओं के 9 प्रकरणों में अवार्ड पारित हो चुका है और भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
- शेष परियोजनाओं में अवार्ड पारित होने के बाद ही किसानों को राशि प्रदान की जाएगी।
- मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए विभाग द्वारा कोई अलग से विशेष कार्ययोजना तो तैयार नहीं की गई है, लेकिन भू-अर्जन अधिकारियों से लगातार संपर्क कर प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
इन सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने से जशपुर क्षेत्र में कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
