जशपुर के ‘नव संकल्प’ संस्थान ने रचा इतिहास: छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में मिली विशेष जगह, 50 बेटियों का नगर सैनिक पद पर चयन बना मिसाल

जशपुरनगर: संसाधनों के सही उपयोग और प्रशासनिक दूरदर्शिता से कैसे बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं, इसका जीवंत उदाहरण जशपुर का ‘नव संकल्प शिक्षण संस्थान’ पेश कर रहा है। संस्थान की अभूतपूर्व सफलताओं को अब आधिकारिक तौर पर छत्तीसगढ़ शासन के आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2025-26 में स्थान दिया गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण में विशेष उल्लेख

​आर्थिक सर्वेक्षण के पृष्ठ क्रमांक 189 पर इस संस्थान की उपलब्धियों का विस्तृत वर्णन है। रिपोर्ट के अनुसार, खनिज विभाग के अंतर्गत जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के माध्यम से संचालित यह संस्थान दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों की छात्राओं को निःशुल्क भोजन, आवासीय सुविधा और उच्च स्तरीय कोचिंग प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि जिले की 50 छात्राओं का चयन एक साथ नगर सैनिक के पद पर हुआ है।

मुख्यमंत्री की सराहना और संस्थान की नींव

​उल्लेखनीय है कि इस गौरवशाली परिणाम की घोषणा पिछले वर्ष रक्षाबंधन के दिन हुई थी, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर प्रदेश की बेटियों को बधाई दी थी। दिलचस्प तथ्य यह है कि इस संस्थान की आधारशिला भी मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान रखी थी, जो आज एक वटवृक्ष बनकर प्रतिभाओं को संवार रहा है।

सफलता के नए कीर्तिमान

​वर्तमान में कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में यह संस्थान सफलता की नई इबारत लिख रहा है:

  • कांस्टेबल भर्ती: संस्थान के 65 छात्र वर्तमान में विभिन्न स्थानों पर सेवाएं दे रहे हैं।
  • अन्य क्षेत्र: शिक्षक भर्ती, थल सेना (Army), सहायक प्राध्यापक और विभिन्न प्रशासनिक पदों पर भी यहाँ के विद्यार्थियों ने परचम लहराया है।

आत्मनिर्भरता का केंद्र: जशपुर जैसे जनजातीय बहुल जिले में ‘नव संकल्प’ केवल एक कोचिंग सेंटर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का केंद्र बन चुका है। यह संस्थान साबित कर रहा है कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो दूरस्थ वनांचल की प्रतिभाएं भी मुख्यधारा में अपनी जगह बना सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *