मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज के लिए मिसाल पेश कर रही हैं। जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत ग्राम केनादाड़ की श्रीमती शशिकला खलखो इसका जीता-जागता उदाहरण हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से खुद को एक सफल व्यवसायी के रूप में स्थापित किया है।
स्व सहायता समूह से बदली तकदीर
शशिकला वर्ष 2008 से ‘जीवन ज्योति स्व सहायता समूह’ की सक्रिय सदस्य हैं। शुरुआत में 11 सदस्यों वाले इस समूह ने खेती-किसानी के कार्यों से अपनी पहचान बनाई। शशिकला बताती हैं कि ‘बिहान योजना’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी, बल्कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में भी सक्षम हुईं।
खेती से होटल व्यवसाय तक का सफर
अपनी उद्यमिता को नया विस्तार देते हुए शशिकला ने अब होटल व्यवसाय में कदम रखा है। इस नए स्टार्टअप के लिए उन्हें ‘मुद्रा योजना’ के तहत ऋण और ‘सीआईएफ मद’ से 60 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। शशिकला का कहना है कि होटल के संचालन से उन्हें पहले ही महीने में शानदार आमदनी हुई है, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया है।
विभिन्न सरकारी योजनाओं का मिला लाभ
शशिकला केवल एक उद्यमी ही नहीं हैं, बल्कि वे शासन की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की लाभार्थी भी हैं। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान, उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन और महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। पूर्व में उन्होंने खाद्य विभाग की पीडीएस दुकान का संचालन कर प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
अपनी सफलता और खुशहाली का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नीतियों को देते हुए शशिकला ने उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का साहस और संसाधन दोनों उपलब्ध कराए हैं।
