मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर के वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 27 करोड़ 14 लाख 97 हजार रुपये से अधिक की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की।
जशपुर के श्रमिकों को मिले 49.35 लाख रुपये
विशेष रूप से जशपुर जिले के 1365 निर्माण श्रमिकों के लिए 49 लाख 35 हजार 500 रुपये की राशि जारी की गई है। इसमें महतारी जतन योजना, नोनी सशक्तिकरण सहायता और नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना जैसे प्रमुख लाभ शामिल हैं।
बढ़ाई गई सहायता राशि: सीएम का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ और ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना’ के तहत दी जाने वाली राशि को अब बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रमिकों के बच्चों के भविष्य के लिए निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
वैश्विक संकट पर जनता को किया आश्वस्त
संबोधन के दौरान सीएम साय ने मध्य एशिया के युद्ध से उत्पन्न पेट्रोलियम संकट पर भी बात की। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुदृढ़ विदेश नीति के कारण देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी और आम जनता को कोई परेशानी नहीं होगी।
प्रमुख योजनाओं के तहत लाभान्वित श्रमिक (एक नजर में):
- मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता: 3,040 श्रमिकों को 6.08 करोड़ रुपये।
- मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति: 71,220 बच्चों को 14.53 करोड़ रुपये।
- मिनीमाता महतारी जतन योजना: 1,960 श्रमिकों को 3.92 करोड़ रुपये।
- मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता: 526 हितग्राहियों को 1.05 करोड़ रुपये।
कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में कुल 52 श्रमिक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें से 12 संपन्न हो चुके हैं। कार्यक्रम में डॉ. राम प्रताप सिंह (अध्यक्ष, सन्निर्माण मंडल), कलेक्टर रोहित व्यास, एसपी लाल उमेद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।
