छत्तीसगढ़ सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक बनती जा रही है। इसका एक जीवंत उदाहरण सारंगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड की ग्राम पंचायत संडा निवासी श्रीमती भगवती रात्रे हैं, जिन्होंने अपनी सूझबूझ से आपदा को अवसर में बदल दिया।
संकट के समय बनी ढाल भगवती रात्रे का जीवन तब संघर्षपूर्ण हो गया जब एक गंभीर दुर्घटना में उनके पति काम करने में असमर्थ हो गए। छोटे बच्चे की जिम्मेदारी और घर के खर्चों के बीच परिवार गहरे आर्थिक संकट में था। ऐसे में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये प्रति माह की राशि उनके लिए एक नई उम्मीद बनकर आई।
बचत से स्वरोजगार का सफर भगवती ने इस राशि को फिजूलखर्ची में उड़ाने के बजाय नियमित बचत की। इन्हीं पैसों को जोड़कर उन्होंने 6,000 रुपये में एक सिलाई मशीन खरीदी। आज वे सिलाई के माध्यम से हर महीने लगभग 5,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस आमदनी से वे न केवल अपने पति का इलाज करा पा रही हैं, बल्कि अपनी बेटी की पढ़ाई और घर की जरूरतों को भी सम्मानपूर्वक पूरा कर रही हैं।
मुख्यमंत्री और प्रशासन के प्रति जताया आभार अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए भगवती रात्रे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “इस योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया है और समाज में सिर उठाकर जीने का हौसला दिया है।”
