मैनपाट महोत्सव 2026: प्रकृति और संस्कृति के संगम में डूबा ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’, मनोज तिवारी की प्रस्तुति ने जीता दिल

अंबिकापुर/मैनपाट:

छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के रोपाखार जलाशय के समीप तीन दिवसीय ‘मैनपाट महोत्सव 2026’ का शुभारंभ भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। प्रकृति की गोद में आयोजित इस महोत्सव ने न केवल छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन किया, बल्कि राज्य सरकार की विकासपरक सोच की झलक भी दिखाई।

मनोज तिवारी ने अपनी गायकी से बाँधा समां

महोत्सव के पहले दिन मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भोजपुरी गायक और सांसद मनोज तिवारी रहे। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों ‘ओ राजा जी ऐकरे त रहल हो हां जरूरत’ और ‘रिंकिया के पापा’ से जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। तिवारी ने अपनी प्रस्तुति के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सरगुजा को दी गई 500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने विशेष रूप से गीत गाकर कहा— “छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट सज रहा है”, जिसकी दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहना की।

शास्त्रीय और लोक कला का अद्भुत संगम

सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों ने कला की विभिन्न विधाओं को जीवंत किया:

  • रॉक बैंड और गायकी: ‘रिदम व्हिसल रॉक बैंड’ की ऊर्जावान शुरुआत के बाद आयुष नामदेव, अमित दास और संतोष जायसवाल की भावपूर्ण गायकी ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
  • शास्त्रीय नृत्य: विधि सेन गुप्ता ने ओडिसी और आनंदिता तिवारी एवं रित्विका बनर्जी ने कथक की मनमोहक प्रस्तुति दी।
  • शिव तांडव: आंचल पांडे द्वारा प्रस्तुत ‘शिव तांडव’ महोत्सव का विशेष आकर्षण रहा, जिसने पूरे पंडाल को भक्तिमय कर दिया।
  • लोक रंग: भोजपुरी गायिका शीतल यादव और छत्तीसगढ़ी सुपरस्टार सुनील सोनी की प्रस्तुतियों पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए। सोनी के गाने ‘मोर छाइयां भुइयां’ पर पूरा पंडाल साथ गुनगुनाता नजर आया।

सरगुजा के गौरव स्वप्नील जायसवाल की धमक

मुंबई में अपनी गायकी का लोहा मनवा रहे सरगुजा के बेटे स्वप्नील जायसवाल ने स्थानीय कलाकार के रूप में अपनी सशक्त आवाज से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी प्रस्तुति ने साबित किया कि सरगुजा की प्रतिभाएं अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा रही हैं। इसके साथ ही पारंपरिक मुखौटों के साथ रोमांचक ‘छऊ नृत्य’ ने भी सबका ध्यान खींचा।

पर्यटन और विकास को बढ़ावा

प्रशासन के अनुसार, इस महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ मैनपाट में पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है। आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और हज़ारों की संख्या में पर्यटक उपस्थित रहे।

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