केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना “विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-GRAMG)” को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन एमसीबी ने कमर कस ली है। आगामी 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली इस योजना के मद्देनजर जिले की विभिन्न जनपद पंचायतों में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया गया।
भ्रांतियों का निवारण और प्रशिक्षण
इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में योजना को लेकर फैल रही भ्रांतियों को दूर करना और जनप्रतिनिधियों को इसकी सही जानकारी देना था। विशेषज्ञ टीमों ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना के उद्देश्य, पात्रता, लाभ और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ (अमृत सदन), भरतपुर और खड़गवां के सभाकक्षों में आयोजित इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीण शामिल हुए।
जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में जनपद पंचायत सदस्य श्री रविशंकर वैश्व, श्रीमती पूजा कोल, श्री आनंद सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही ग्राम पंचायत लोहारी, चनवारीडाड़, सिरौली, भलौर और चैनपुर सहित विभिन्न पंचायतों के सरपंचों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। जिला और जनपद पंचायत के अधिकारियों ने प्रोजेक्टर और बुकलेट्स के माध्यम से तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
संवेदनशीलता: पीड़ित परिवार को सहायता राशि का वितरण
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की संवेदनशीलता भी देखने को मिली। मनरेगा कार्यस्थल पर आकस्मिक निधन हुए हितग्राही स्व. भैयालाल की पत्नी अहिल्या बाई को मनरेगा प्रावधानों के तहत 25 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रदान किया गया।
अगला कदम: क्लस्टर स्तर पर अभियान
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि आगामी सप्ताह से क्लस्टर स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। इसका लक्ष्य हर ग्राम पंचायत तक योजना की सही जानकारी पहुंचाना है ताकि 1 अप्रैल से योजना का क्रियान्वयन पारदर्शी और सुचारू रूप से हो सके।
