नई दिल्ली: देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने यानी ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (One Nation, One Election) को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। संसद का बजट सत्र (Budget Session) नजदीक है और सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि केंद्र सरकार इस सत्र में इससे जुड़ा अहम विधेयक या प्रस्ताव पेश कर सकती है।
समिति की रिपोर्ट पर मंथन जारी
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने पहले ही ‘एक देश, एक चुनाव’ के पक्ष में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। सूत्रों के मुताबिक, विधि मंत्रालय (Law Ministry) इस रिपोर्ट के कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर अंतिम विचार-विमर्श कर रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अब इसे लागू करने के लिए रोडमैप तैयार कर चुकी है।
क्या है सरकार का तर्क?
केंद्र सरकार का मानना है कि देश में हर साल कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं। इससे न सिर्फ सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ता है, बल्कि आचार संहिता (Code of Conduct) लागू होने के कारण विकास कार्य भी ठप हो जाते हैं।
- पैसों की बचत: एक साथ चुनाव कराने से चुनावी खर्च में भारी कमी आएगी।
- प्रशासनिक सुविधा: सुरक्षा बलों और सरकारी कर्मचारियों को बार-बार चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाना पड़ेगा।
- विकास पर फोकस: सरकारें 5 साल तक बिना चुनावी रुकावट के काम कर सकेंगी।
विपक्ष का विरोध और चिंताएं
दूसरी ओर, विपक्षी दल इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों का कहना है कि यह ढांचा भारत के संघीय ढांचे (Federal Structure) के खिलाफ है। विपक्ष का तर्क है कि एक साथ चुनाव कराने से राष्ट्रीय मुद्दे क्षेत्रीय मुद्दों पर हावी हो जाएंगे, जिससे क्षेत्रीय दलों को नुकसान होगा और लोकतंत्र कमजोर होगा।
संवैधानिक संशोधन की होगी दरकार
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लागू करना इतना आसान नहीं होगा। इसके लिए संविधान के कम से कम 5 अनुच्छेदों में संशोधन करना पड़ेगा। इसके लिए संसद में विशेष बहुमत (Special Majority) की आवश्यकता होगी। साथ ही, आधे से अधिक राज्यों की विधानसभाओं से भी रजामंदी लेनी पड़ सकती है।
बजट सत्र पर टिकी नजरें
फरवरी में शुरू होने वाले बजट सत्र में सरकार की मंशा साफ हो जाएगी। यदि सरकार इस बिल को टेबल करती है, तो संसद में भारी हंगामे के आसार हैं। फिलहाल, भाजपा और उसके सहयोगी दल इसके समर्थन में माहौल बनाने में जुटे हैं, जबकि विपक्ष इसे रोकने की रणनीति बना रहा है।
