पत्थलगांव:
आज पत्थलगांव में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना VB G-RAM-G (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) को आम जनमानस तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस वार्ता में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने योजना के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए इसे ग्रामीण भारत के विकास का ‘नया आधार’ बताया।
क्या है VB G-RAM-G योजना? (प्रमुख बिंदु)
प्रेस वार्ता के दौरान विशेषज्ञों और नेताओं ने साझा किया कि यह योजना केवल नाम का बदलाव नहीं, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण का एक विस्तृत ढांचा है:
- रोजगार में 25% की वृद्धि: अब ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के स्थान पर 125 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।
- किसानों का हित (Pause Window): खेती के पीक सीजन (बुआई और कटाई) के दौरान काम में 60 दिनों का ‘पॉज’ रखा जा सकेगा, ताकि किसानों को मजदूरों की कमी न हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था संतुलित रहे।
- चार मुख्य स्तंभों पर विकास: योजना के तहत मुख्य रूप से जल सुरक्षा, ग्रामीण कनेक्टिविटी, आजीविका बुनियादी ढांचा और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- पारदर्शिता और तकनीक: योजना में बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो-टैगिंग और AI-आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे।
विधायक गोमती साय का संबोधन
विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ को धरातल पर उतारने के लिए यह योजना लाई गई है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर हम गांवों को आत्मनिर्भर बनाएंगे। विपक्ष की भ्रामक बयानबाजी के बीच हम विकास की गारंटी के साथ ग्रामीणों के साथ खड़े हैं।”
वरिष्ठ जनों की उपस्थिति
प्रेस वार्ता में विधायक के साथ मुख्य रूप से उपस्थित रहे श्री रामकिशुन सिंह जी (अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक सरगुजा संभाग), श्री संतोष दास जी (प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा), श्री कृष्ण कुमार राय जी (वरिष्ठ नेता)
प्रेस वार्ता के अंत में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए नेताओं ने स्पष्ट किया कि VB G-RAM-G योजना का लक्ष्य स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर पलायन को रोकना और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
