कुआलालंपुर (मलेशिया), 7 फरवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुँचे। हवाई अड्डे पर मलेशियाई प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम ने स्वयं उपस्थित रहकर पीएम मोदी का भव्य और आत्मीय स्वागत किया। यह वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री की पहली विदेश यात्रा है, जो भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

‘भरोसा’ है भारत की सबसे बड़ी ताकत
शाम को कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय के एक विशाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत को एक ‘विश्वस्त भागीदार’ (Trusted Partner) के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा, “आज के दौर में ‘भरोसा’ ही भारत की सबसे बड़ी करेंसी बन गया है।” उन्होंने हाल ही में अमेरिका और यूएई जैसे देशों के साथ हुए व्यापारिक समझौतों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वैश्विक निवेशक भारत की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
मलेशिया में भी चलेगा UPI
तकनीकी और डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारत का ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (UPI) जल्द ही मलेशिया में लॉन्च किया जाएगा। इससे वहां रहने वाले करीब 30 लाख भारतीय प्रवासियों और भारतीय पर्यटकों के लिए लेनदेन बेहद आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की सफलता आज केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरे एशिया की सफलता है।
सांस्कृतिक संबंधों पर जोर
प्रधानमंत्री ने मलेशिया के विकास में भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें ‘लिविंग ब्रिज’ (जीवंत सेतु) बताया। उन्होंने घोषणा की कि मलेशिया में तमिल भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए मलय विश्वविद्यालय में ‘तिरुवल्लुवर चेयर’ की स्थापना के बाद अब एक नया ‘तिरुवल्लुवर केंद्र’ भी स्थापित किया जाएगा।
कल होगी द्विपक्षीय वार्ता
अपने दौरे के दूसरे दिन यानी 8 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी और उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरान रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
