प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम चम्पा निवासी श्री कोइरा राम इस योजना की सफलता का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरे हैं।
भारी सब्सिडी और जीरो बिजली बिल
श्री कोइरा राम ने अपने घर की छत पर 2 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया है। उन्होंने बताया कि इस पूरे सिस्टम की कुल लागत लगभग 1.20 लाख रुपये आई, जिसमें से शासन की ओर से उन्हें 90 हजार रुपये की मोटी सब्सिडी प्राप्त हुई। सोलर पैनल लगने के बाद से उनका मासिक बिजली बिल अब ‘शून्य’ हो गया है।
आर्थिक बोझ से मिली मुक्ति
कोइरा राम भावुक होकर बताते हैं, “पहले हर महीने भारी बिजली बिल चुकाना पड़ता था, जिससे घर के खर्चों पर असर पड़ता था। अब बिना किसी चिंता के बिजली का उपयोग कर पा रहा हूं और बची हुई राशि का उपयोग परिवार की अन्य जरूरतों के लिए कर रहा हूं।”
पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी
सोलर पैनल न केवल आर्थिक रूप से मददगार साबित हो रहा है, बल्कि यह स्वच्छ और हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देकर पर्यावरण को भी बचा रहा है। शासन से मिले समय पर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए कोइरा राम ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
जशपुर जिला प्रशासन इस योजना को हर घर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण बिजली के बिल से मुक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकें।
