प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ आम लोगों के जीवन में उजाला बिखेर रही है। इस योजना के माध्यम से नागरिक न केवल बिजली बिल के बोझ से मुक्त हो रहे हैं, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।
इसी कड़ी में नगर पंचायत सरगांव की निवासी जमुना पाण्डे ने अपने घर की छत पर 02 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है, जिससे अब उनका घर सौर ऊर्जा से जगमगा रहा है।
बिजली बिल की चिंता खत्म, भविष्य के लिए निवेश
जमुना पाण्डे ने बताया कि सोलर पैनल लगने के बाद उनके बिजली बिल में भारी कमी आई है। शासन द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी और सरल आवेदन प्रक्रिया ने उन्हें इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस योजना को आम आदमी के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत और पर्यावरण के प्रति एक सराहनीय कदम बताया है।
कितनी मिल रही है सब्सिडी?
योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भारी वित्तीय सहायता प्रदान कर रही हैं:
- 01 किलोवाट: ₹45,000 की सब्सिडी।
- 02 किलोवाट: ₹90,000 की सब्सिडी।
- 03 किलोवाट: ₹1,08,000 तक की सब्सिडी।
इसके अलावा, जो लोग एकमुश्त राशि का भुगतान नहीं कर सकते, उनके लिए बैंकों के माध्यम से कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में ऋण (Loan) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों के लिए भी सोलर सिस्टम लगवाना आसान हो गया है।
