छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच देने वाले ‘बस्तर पंडुम’ के भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का प्रवास 7 फरवरी को प्रस्तावित है। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए राज्य शासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
मंगलवार को छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने मंत्रालय में संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल, चिकित्सा सुविधाएं, आवागमन की सुगम व्यवस्था और अन्य प्रोटोकॉल संबंधी तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ली बस्तर की जानकारी
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर कलेक्टर से जमीनी स्तर पर चल रही तैयारियों का फीडबैक लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा और अतिथियों के सत्कार में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। इसी क्रम में रायपुर कलेक्टर को भी राष्ट्रपति के आगमन और रवानगी से जुड़ी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के कई वरिष्ठ सचिव शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:
- श्री रोहित यादव (सचिव, जनसम्पर्क एवं संस्कृति विभाग)
- श्री अविनाश चंपावत (सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग)
- श्रीमती नेहा चंपावत (सचिव, गृह विभाग)
- श्री अमित कटारिया (सचिव, स्वास्थ्य विभाग)
- डॉ. कमलप्रीत सिंह (सचिव, लोक निर्माण विभाग)
बस्तर पंडुम: जनजातीय संस्कृति का उत्सव
गौरतलब है कि बस्तर पंडुम जनजातीय कला, परंपरा और लोक संस्कृति का एक बड़ा मंच है, जिसका समापन चरण फरवरी में होना है। राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान करेगी।
