ईको-पर्यटन की नई पहल, देवपुर के ‘मड हाउस’ बदलेंगे ग्रामीणों की किस्मत

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में पर्यटन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बारनवापारा अभ्यारण्य के समीप स्थित देवपुर रेंज में पारंपरिक ‘नेचर कैंप मड हाउस’ (मिट्टी के घर) की शुरुआत की गई है। यह पहल न केवल पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के नए द्वार भी खोलेगी।

​वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय वन प्रबंधन समितियों और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

मड हाउस की खासियतें

  • पारंपरिक निर्माण: ये घर पूरी तरह से मिट्टी, लकड़ी और प्राकृतिक सामग्रियों से निर्मित हैं, जो ग्रामीण परिवेश का जीवंत अनुभव देते हैं।
  • पर्यावरण अनुकूल: आधुनिक कंक्रीट के बजाय प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया गया है, ताकि प्रकृति पर कम से कम दबाव पड़े।
  • आधुनिक सुविधाएं: बारनवापारा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में एक नया आधुनिक रिसेप्शन भवन भी शुरू किया गया है, जो पर्यटकों की सुविधा और जानकारी के लिए केंद्र बिंदु बनेगा।

​वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के अनुसार, इस केंद्र के माध्यम से पर्यटकों को अभ्यारण्य की जैव विविधता और वन्यजीवों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट वन संरक्षण और स्थानीय विकास के बीच एक बेहतरीन संतुलन का उदाहरण है।

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