रायपुर: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर अंकित करने के लिए राजधानी रायपुर पूरी तरह तैयार है। नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में 23, 24 और 25 जनवरी को ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस महाकुंभ में साहित्य, सिनेमा और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
शुभारंभ और विशिष्ट अतिथि
उत्सव का विधिवत शुभारंभ 23 जनवरी को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा भी उपस्थित रहेंगी। समापन समारोह 25 जनवरी को होगा, जिसमें डॉ. सच्चिदानंद जोशी और डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी हस्तियां शामिल होंगी।

साहित्य और सिनेमा के दिग्गजों का जमावड़ा
इस तीन दिवसीय उत्सव में करीब 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकार हिस्सा लेंगे।
- मनोज जोशी का ‘चाणक्य’: 23 जनवरी की शाम 7 बजे प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी द्वारा ऐतिहासिक नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया जाएगा।
- सेलिब्रिटी गेस्ट: महाभारत में श्रीकृष्ण का किरदार निभाने वाले नीतीश भारद्वाज और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक अनुराग बसु भी सत्रों में शामिल होंगे।
- अटल जी को स्वरांजलि: 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में एक विशेष काव्य-पाठ का आयोजन होगा।

चार मंडप और 42 सत्र
वैचारिक विमर्श के लिए आयोजन स्थल पर चार विशेष मंडप बनाए गए हैं, जिनके नाम छत्तीसगढ़ के मूर्धन्य साहित्यकारों पर रखे गए हैं:
- मुख्य मंडप: ज्ञानपीठ सम्मानित स्व. श्री विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर।
- द्वितीय मंडप: पं. श्यामलाल चतुर्वेदी के नाम पर।
- तृतीय मंडप: बस्तर के लाला जगदलपुरी के नाम पर।
- चतुर्थ मंडप: साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर।
कुल 42 सत्रों में भारतीय ज्ञान परंपरा, सिनेमा, संविधान, महिला लेखन और डिजिटल युग में साहित्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

दर्शकों के लिए खास व्यवस्थाएं
- निःशुल्क बस सेवा: प्रशासन ने रायपुर शहर से पुरखौती मुक्तांगन तक जाने के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध और तेलीबांधा समेत 6 मार्गों पर 20 निःशुल्क बसों की व्यवस्था की है।
- पुस्तक मेला: राजकमल, प्रभात और हिन्द युग्म जैसे 15 राष्ट्रीय प्रकाशकों का पुस्तक मेला लगेगा।
- फूड और टैलेंट जोन: छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के 15 स्टॉल और युवाओं के लिए ओपन माइक/टैलेंट जोन भी बनाया गया है।
प्रशासन के अनुसार, 21 जनवरी तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।

