प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ‘ऊर्जा आत्मनिर्भरता’ की मुहिम अब छत्तीसगढ़ के घर-घर तक पहुँच रही है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से नागरिक अब केवल बिजली के उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक भी बन रहे हैं। महासमुंद जिले में इस योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ अब तक 2548 हितग्राही सोलर रूफटॉप लगवाकर आर्थिक लाभ उठा रहे हैं।
सब्सिडी का दोहरा लाभ
योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी सब्सिडी संरचना है। 3 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपये और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यानी एक आम परिवार को कुल 1.08 लाख रुपये तक की बड़ी राहत मिल रही है, जिससे सोलर पैनल लगवाना अब बेहद किफायती हो गया है।
आंकड़ों में योजना की सफलता (महासमुंद जिला):
- कुल आवेदन: 7146
- वेंडर चयन: 6620 हितग्राही
- लाभान्वित परिवार: 2548
हितग्राहियों की जुबानी: “बिल हुआ शून्य, मन हुआ ऊर्जित”
योजना का लाभ ले रहे इमली भाठा निवासी श्रीमती ऊषा साहू और यामिनी यदु ने बताया कि सोलर पैनल लगने से बिजली बिल में भारी कमी आई है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देने से भी लाभ मिल रहा है। वहीं कुम्हार पारा के श्री गेंद लाल साहू का कहना है कि अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है, जिससे मासिक बचत बढ़ गई है।
वर्धमान नगर के श्री घनश्याम ध्रुव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने से बिजली कटौती की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है। अब घर के पंखे, कूलर और अन्य उपकरण बिना किसी रुकावट के चलते हैं।
पर्यावरण और जेब दोनों के लिए फायदेमंद
यह योजना न केवल आम जनता की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम कर रही है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन घटाकर पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान दे रही है। शासन की इस पहल से महासमुंद जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति एक नई क्रांति देखी जा रही है।
