प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना: असंगठित श्रमिकों को बुढ़ापे में संबल; 60 वर्ष के बाद मिलेगी ₹3,000 मासिक पेंशन

रायपुर: केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) छत्तीसगढ़ के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक और खेतिहर मजदूरों जैसे मेहनतकश वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। रायपुर जिले सहित प्रदेश भर के पात्र श्रमिक इस योजना से जुड़कर अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित कर रहे हैं।

योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ

​श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इसमें जितनी राशि श्रमिक द्वारा जमा की जाती है, उतनी ही समान राशि केंद्र सरकार भी लाभार्थी के पेंशन खाते में जमा करती है।

  • निश्चित पेंशन: 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद लाभार्थी को प्रति माह ₹3,000 की सुनिश्चित पेंशन दी जाएगी।
  • पारिवारिक सुरक्षा: यदि पेंशन प्राप्ति के दौरान लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके जीवनसाथी को 50 प्रतिशत (₹1,500) मासिक पेंशन पारिवारिक पेंशन के रूप में दी जाएगी।

कौन हो सकता है पात्र?

​मुंगेली के श्रम पदाधिकारी श्री अभिषेक सिंह ने योजना की पात्रता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है:

  1. आयु सीमा: 18 से 40 वर्ष के बीच के श्रमिक।
  2. आय सीमा: मासिक आय ₹15,000 या उससे कम होनी चाहिए।
  3. अनिवार्य शर्त: आवेदक EPFO, ESIC या NPS का सदस्य नहीं होना चाहिए और न ही वह आयकर दाता हो।

अंशदान की प्रक्रिया

​योजना में प्रवेश की आयु के आधार पर मासिक प्रीमियम तय किया गया है:

  • ​यदि कोई श्रमिक 18 वर्ष की आयु में जुड़ता है, तो उसे मात्र ₹55 प्रतिमाह जमा करने होंगे।
  • ​वहीं, 40 वर्ष की आयु में जुड़ने वाले श्रमिक को ₹200 प्रतिमाह का अंशदान देना होगा।

कैसे करें पंजीकरण?

​इच्छुक श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा, लाभार्थी स्वयं आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य हैं:

  • ​आधार कार्ड
  • ​बैंक पासबुक (बचत खाता/जनधन खाता)
  • ​मोबाइल नंबर
  • ​नॉमिनी (वारिस) का विवरण

​सरकार की इस पहल से समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो उम्र के आखिरी पड़ाव में आर्थिक तंगी का सामना करते हैं।

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