सरगुजा ओलंपिक: आदिवासी अंचल की प्रतिभाओं को मिल रहा सशक्त मंच, मंत्री रामविचार नेताम ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल में खेल प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य से आयोजित ‘सरगुजा ओलंपिक’ के जिला स्तरीय आयोजन का भव्य समापन बलरामपुर में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम रहे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 10 से 12 फरवरी तक स्वामी आत्मानंद विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव में युवाओं का अद्भुत उत्साह देखने को मिला।

मंत्री ने खुद आजमाए तीरंदाजी में हाथ समापन समारोह के दौरान मंत्री श्री नेताम खिलाड़ियों के बीच पहुंचे और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने शंकरगढ़ और बलरामपुर की बालिकाओं के बीच रस्साकसी प्रतियोगिता देखी और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। विशेष आकर्षण तब रहा जब मंत्री जी ने स्वयं तीरंदाजी में हाथ आजमाकर खिलाड़ियों को प्रेरित किया। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रतिभा निखारने का सशक्त माध्यम अपने संबोधन में श्री नेताम ने कहा, “विकासखंड से जिला स्तर तक सरगुजा ओलंपिक का यह व्यवस्थित आयोजन सराहनीय है। यह मंच विशेष रूप से हमारे आदिवासी अंचल के युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने की दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने खिलाड़ियों को संभाग और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर अभ्यास करने का मंत्र दिया।

12 खेलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दम इस ओलंपिक में जूनियर (14-17 वर्ष) और सीनियर (18 वर्ष से अधिक) वर्ग के खिलाड़ियों ने कुल 12 खेलों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

  • व्यक्तिगत स्पर्धाएं: एथलेटिक्स (दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, जैवलिन थ्रो आदि), तीरंदाजी, बैडमिंटन, कुश्ती और कराटे।
  • दलीय खेल: फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल।

​समारोह में कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, एसपी श्री वैभव बैंकर सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे।

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