धमतरी | 07 मार्च 2026 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर जब हम सशक्त महिलाओं की चर्चा करते हैं, तो धमतरी जिले की सायरा बानो का नाम गर्व से लिया जा रहा है। शारीरिक दिव्यांगता और आर्थिक तंगी जैसी दोहरी चुनौतियों के बावजूद सायरा ने हार नहीं मानी और आज ई-रिक्शा चलाकर न केवल अपना परिवार पाल रही हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
संघर्ष से स्वावलंबन तक का सफर
एक समय था जब सायरा बानो के लिए दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी एक बड़ी चुनौती थी। रोजगार के अभाव में जीवन अत्यंत कठिन था, लेकिन उनके भीतर कुछ कर गुजरने का जज्बा कायम था। उन्होंने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई, जिसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल की।
प्रशासन और प्रशिक्षण का मिला साथ
सायरा को बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने न केवल रिक्शा चलाना सीखा, बल्कि यातायात नियमों और स्वरोजगार की बारीकियों को भी समझा। इसके बाद सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से उन्हें ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया।
सम्मानजनक आजीविका और बढ़ता आत्मविश्वास
आज सायरा बानो धमतरी की सड़कों पर आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाती नजर आती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है। सायरा कहती हैं कि इस काम ने उन्हें समाज में एक नई पहचान और सम्मान दिया है।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा के अनुसार, शासन की योजनाओं का असली उद्देश्य जरूरतमंदों को पैरों पर खड़ा करना है, और सायरा ने अपने दृढ़ संकल्प से इसे सच कर दिखाया है।
